Global Market Update: अमेरिका-ईरान समझौते के बाद एशियाई बाजारों में तेजी, निवेशकों में उत्साह

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसका असर अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में तेज़ी के रूप में दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी शेयर बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 353.51 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,202.26 अंक पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत चढ़कर 7,431.46 अंक पर पहुंच गया। नैस्डैक इंडेक्स भी 0.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,888.84 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजारों में तेजी का प्रमुख कारण अमेरिका-ईरान तनाव में कमी की उम्मीद और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं का कम होना माना जा रहा है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर से जुड़े शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार को समर्थन दिया।

यूरोपीय बाजारों में भी निवेशकों का उत्साह साफ नजर आया। एफटीएसई इंडेक्स 1.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ 10,471.72 अंक पर बंद हुआ। फ्रांस का सीएसी इंडेक्स 1.80 प्रतिशत बढ़कर 8,350.87 अंक पर पहुंच गया, जबकि जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स 1.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,635.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में भी आज चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। गिफ्ट निफ्टी 1.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,930.50 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1.03 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे अधिक उछाल दिखाने वाले प्रमुख सूचकांकों में शामिल रहा और 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की। जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा ताइवान, हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजार भी हरे निशान में बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता औपचारिक रूप से लागू होता है और मध्य पूर्व में स्थिरता बनी रहती है, तो वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। ऊर्जा कीमतों में संभावित नरमी और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव कम होने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान समझौते के अगले चरण, वैश्विक तेल कीमतों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बनी हुई है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

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