फीफा विश्व कप रेफरी उमर आर्टन को अमेरिका में नहीं मिला प्रवेश, टूटा ऐतिहासिक सपना

फीफा विश्व कप में मैच अधिकारी के रूप में चयनित सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध वीज़ा और राजनयिक पासपोर्ट होने के बावजूद अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया। इस फैसले के साथ फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर मैच संचालित करने वाले अपने देश के पहले रेफरी बनने का उनका सपना अधूरा रह गया।

उमर आर्टन को वर्ष 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ रेफरी चुना गया था और वे फीफा विश्व कप के लिए चयनित सोमालिया के एकमात्र रेफरी थे। अमेरिका पहुंचने पर उन्हें मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी ने रोक लिया।

अतिरिक्त जांच के बाद प्रवेश से इनकार

अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि उमर आर्टन को नियमित प्रक्रिया के तहत “अतिरिक्त जांच” के लिए रोका गया था।

एजेंसी के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उन्हें प्रवेश के लिए अयोग्य माना गया और अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि अधिकारियों ने सत्यापन संबंधी चिंताओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

वैध वीज़ा और राजनयिक पासपोर्ट भी नहीं आया काम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमर आर्टन के पास वैध अमेरिकी वीज़ा और राजनयिक पासपोर्ट दोनों मौजूद थे। इसके बावजूद अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि जून 2025 से सोमालिया उन देशों की सूची में शामिल है जिन पर अमेरिका ने पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लागू किया हुआ है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में सीमित छूट प्रदान की जा सकती है।

सोमालिया ने जताई नाराजगी

सोमालिया के युवा एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार सीसे अदन अबशीर ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि उमर आर्टन अफ्रीका के सबसे सम्मानित रेफरियों में शामिल हैं और उन्हें पूरे फुटबॉल समुदाय का समर्थन मिलना चाहिए। उनके अनुसार अमेरिका में प्रवेश से इनकार करना न केवल आर्टन के साथ अन्याय है, बल्कि खेल भावना, निष्पक्षता और योग्यता के सिद्धांतों को भी कमजोर करता है।

अफ्रीकी फुटबॉल में बना चुके हैं पहचान

उमर आर्टन इससे पहले वर्ष 2023 के अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में भी रेफरी की भूमिका निभा चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें महाद्वीप का सर्वश्रेष्ठ रेफरी चुना गया था, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए विश्व कप में चयन को सोमालियाई फुटबॉल इतिहास की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था।

विश्व कप से पहले बढ़ा यात्रा विवाद

विश्व कप की तैयारियों के बीच यह नया विवाद सामने आया है। इससे पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीज़ा मिल गया था, लेकिन ईरान फुटबॉल महासंघ ने दावा किया था कि उसके 14 अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों को वीज़ा देने से इनकार कर दिया गया।

महासंघ ने उस समय इसे अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद “प्रतिशोधात्मक व्यवहार” करार दिया था।

उमर आर्टन का मामला अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बन गया है और खेल संगठनों के बीच यात्रा प्रतिबंधों तथा खेल आयोजनों में निष्पक्ष भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

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