फिक्की के प्री-बजट सर्वे में जीडीपी वृद्धि दर 7-8% रहने की उम्मीद, रोजगार-सृजन और निर्यात को मिले प्राथमिकता

उद्योग मंडल भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने हाल ही में जारी किए गए अपने ‘प्री-बजट सर्वे 2026-27’ में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7-8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। सर्वे में केंद्रीय बजट में रोजगार सृजन, निर्यात समर्थन और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया गया है।

सर्वे के मुताबिक, उद्योग जगत ने रक्षा, विनिर्माण और एमएसएमई क्षेत्रों में विशेष निवेश और प्रोत्साहन की मांग की है। फिक्की ने सुझाव दिया कि रक्षा बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 30 फीसदी किया जाए, जबकि ड्रोन अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए 1,000 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया जाए। इसके अलावा, ड्रोन उत्पादन पर प्रोत्साहन योजना (PLI) के लिए भी 1,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

सर्वे में भाग लेने वाले आधे उद्योग प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2026-27 में GDP वृद्धि दर 7-8% के बीच रहेगी। 80% प्रतिभागियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की मध्यम अवधि के आर्थिक बुनियादी ढांचे पर भरोसा व्यक्त किया।

फिक्की ने वित्तीय नीति में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया। लगभग 42% उत्तरदाताओं ने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.4% रहेगा, जो सरकार के राजकोषीय सशक्तीकरण के प्रयासों को मजबूत करता है।

सर्वे दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 के बीच किया गया था और इसमें लगभग 100 कंपनियों ने भाग लिया। रिपोर्ट में उद्योग जगत ने यह भी सुझाव दिया कि बजट में रोजगार सृजन, निर्यात संवर्धन और बुनियादी ढांचे पर निवेश प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हों।

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