केंद्रीय बजट 2026-27: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर सरकार का बड़ा दांव

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman द्वारा प्रस्तुत इस बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता पर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
बजट 2026-27 में सरकार ने ₹12.2 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रस्तावित किया है। इसमें सड़क, रेलवे, मेट्रो, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी घोषित किए गए हैं।
फिस्कल घाटा और आर्थिक अनुशासन
सरकार ने फिस्कल डेफिसिट को GDP के 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है, जो यह दर्शाता है कि विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखा जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया
Semiconductor Mission 2.0, Biopharma Shakti Scheme और नए इंडस्ट्रियल पार्क्स के ज़रिए भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास
‘भारत विस्तार’ नामक AI आधारित कृषि प्लेटफॉर्म किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएगा। ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और एग्री स्टार्टअप्स को भी समर्थन दिया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा
कैंसर व डायबिटीज की दवाइयों को सस्ता किया गया है। वहीं शिक्षा क्षेत्र में स्किल आधारित लर्निंग, क्रिएटर लैब्स और गर्ल्स हॉस्टल्स पर जोर दिया गया है।
इनकम टैक्स
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि 1 अप्रैल 2026 से नया सरल इनकम टैक्स कानून लागू करने की घोषणा की गई है, जिससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान होगी।
पर्यावरण और ग्रीन ग्रोथ
₹20,000 करोड़ का कार्बन कैप्चर फंड स्थापित किया गया है, जिससे ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 अल्पकालिक राहत की बजाय दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित नजर आता है।






