वैश्विक संकट के बीच सरकार अलर्ट: ‘फार्मर आईडी’ प्रोजेक्ट तेज करने के निर्देश, खाद-बीज सप्लाई पर सख्ती

वैश्विक अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खरीफ सीजन पर विशेष फोकस
बैठक में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि:
- किसानों को समय पर खाद और बीज मिलें
- कृषि संसाधनों की कोई कमी न हो
- आपूर्ति प्रणाली सुचारू बनी रहे
‘फार्मर आईडी’ प्रोजेक्ट को तेज करने के निर्देश
कृषि मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ प्रोजेक्ट को तेजी से लागू करने पर जोर दिया।
इससे:
- वितरण प्रणाली पारदर्शी होगी
- सही लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा
- सरकारी योजनाओं का बेहतर ट्रैकिंग संभव होगा
इस संबंध में जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
बैठक में साफ संदेश दिया गया कि:
- खाद और बीज की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी
- जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
- राज्यों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे
बीज उत्पादन और पैकेजिंग पर भी नजर
कृषि मंत्री ने बीज उत्पादन से जुड़े अहम पहलुओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि:
- बीज सुखाने के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
- एग्रो-केमिकल्स की कमी न हो
- दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए पैकेजिंग सामग्री पर्याप्त रहे
इसके लिए संबंधित मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
निगरानी के लिए ‘स्पेशल सेल’ का गठन
कृषि क्षेत्र की लगातार निगरानी के लिए एक स्पेशल सेल बनाया गया है, जो:
- खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर नजर रखेगा
- साप्ताहिक रिपोर्ट सीधे मंत्री को देगा
- जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेने में मदद करेगा
किसानों को हर संभव सहायता का भरोसा
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वैश्विक संकट के बावजूद देश में कृषि उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें समय पर सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।






