इंदौर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत, कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए

इंदौर, 04 नवम्बर 2025 — इंदौर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया आज से प्रारंभ हो गई है। इस अभियान के तहत घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरण का कार्य शुरू किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने स्वयं मतदाताओं के घर पहुँचकर गणना प्रपत्र वितरित किए और लोगों को प्रक्रिया की जानकारी दी। उनके साथ अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री पंवार नवजीवन विजय, एसडीएम श्री प्रदीप सौनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वर्मा आज सदर बाजार मेन रोड स्थित 95 वर्षीय मतदाता श्री वासुदेव वर्मा के निवास पर पहुँचे। उन्होंने गणना प्रपत्र सौंपते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया की विस्तार से समझाइश दी। इस अवसर पर श्री वासुदेव वर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कलेक्टर स्वयं उनके घर आएंगे। उन्होंने अन्य मतदाताओं से भी अपील की कि वे बीएलओ को सहयोग करें और आवश्यक जानकारी समय पर दें।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर जिले में यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। इसके लिए जिले में कुल 2625 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) नियुक्त किए गए हैं जिन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे, और प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा।
दावा-आपत्तियाँ 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इनकी सुनवाई और प्रामाणिकरण के बाद 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के माध्यम से एक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
कलेक्टर ने राजनीतिक दलों से भी इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा जताई और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम शामिल न हो।
बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 एकत्र करेंगे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे। मतदाता चाहें तो ऑनलाइन भी गणना प्रपत्र (EF) भर सकते हैं। जिन नागरिकों का डेटा पिछले पुनरीक्षण से लिंक नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस जारी कर उनकी पात्रता सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी, ताकि लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत किया जा सके।






