निर्यात आधारित औद्योगिक क्लस्टर को फिर से मजबूत करने में जुटी सरकार, MSME पर रहेगा फोकस

निर्यात आधारित औद्योगिक क्लस्टर (Export-Oriented Industrial Clusters) को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी दिशा में उद्योग जगत के प्रमुख हितधारकों के साथ एक अहम परामर्श बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्यात क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजार में भागीदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया।

🏭 वाणिज्य भवन में हुई अहम बैठक

यह बैठक राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) द्वारा वाणिज्य भवन में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने की।

बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी उन्नयन और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने पर जोर दिया।

📊 MSME को मिलेगा प्राथमिकता

बैठक में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को क्लस्टर विकास के केंद्र में रखा जाए।

इसके तहत:

  • 💰 वित्त तक आसान पहुंच

  • 🛠️ उत्पादन क्षमता में वृद्धि

  • 🌍 निर्यात बाजारों में अधिक भागीदारी

जैसे उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

🌐 वैश्विक बाजार के साथ तालमेल जरूरी

विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के औद्योगिक क्लस्टर को वैश्विक मांग के रुझानों (Global Demand Trends) के अनुरूप विकसित करना होगा, ताकि देश की स्थिति ग्लोबल वैल्यू चेन (Global Value Chain) में और मजबूत हो सके।

🤝 उद्योग और सरकार के बीच संवाद

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक ने सरकार और उद्योग के बीच रचनात्मक संवाद (Constructive Dialogue) का मंच प्रदान किया।

इस दौरान बजट घोषणाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए गए।

🧭 आगे की रणनीति पर जोर

बैठक का मार्गदर्शन NICDC के CEO रजत कुमार सैनी ने किया। उन्होंने क्लस्टर विकास ढांचे को प्रभावी बनाने के लिए हितधारकों की निरंतर भागीदारी पर जोर दिया।

यह बैठक बजट के बाद आयोजित वेबिनार “आर्थिक विकास को बनाए रखने और मजबूत करने” की अनुवर्ती कार्रवाई के रूप में बुलाई गई थी।

🏢 बड़े उद्योग संगठनों की भागीदारी

इस परामर्श बैठक में कई प्रमुख संस्थानों और कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं:

  • ASSOCHAM, FICCI, CII, PHDCCI

  • NASSCOM, SIDBI, CSIR, NPC

  • AEPC, ACMA, IMTMA

  • रिलायंस, टाटा केमिकल्स, रिलैक्सो, JLL आदि

इन सभी ने क्लस्टर पुनरुद्धार और निर्यात वृद्धि के लिए सुझाव दिए।

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