12 हजार दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने की तैयारी: कलेक्टर ने कहा- जरूरत के अनुसार मिले सहयोग; लोन में भी मदद

झाबुआ। दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट के जनसुनवाई सभाकक्ष में संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें दिव्यांगजनों को रोजगार शुरू करने के लिए मिलने वाली सरकारी योजनाओं, बैंक लोन, पात्रता और आवेदन की जानकारी दी गई।
कलेक्टर बोले- हर व्यक्ति की जरूरत समझें
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने दिव्यांगजनों से बात की। उन्होंने कहा कि जिले में कई दिव्यांगजन अपना काम शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। ऐसे में केवल आर्थिक मदद देने के बजाय उनकी जरूरत को समझकर मदद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैंक से लोन दिलाने में मिलेगी मदद
कलेक्टर ने कहा कि दिव्यांगजनों को रोजमर्रा के काम और आने-जाने में कई परेशानियां होती हैं। प्रशासन, बैंक और सामाजिक संस्थाएं मिलकर उनकी जरूरत के अनुसार मदद करेंगी। कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों को भी बुलाया गया, ताकि अपना रोजगार शुरू करने वाले दिव्यांगजनों को लोन लेने में परेशानी न हो।
जिले में करीब 12 हजार दिव्यांगजन
कलेक्टर ने बताया कि जिले में करीब 12 हजार दिव्यांगजन हैं। प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचकर उन्हें सरकारी योजनाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। उन्होंने दिव्यांगजनों से अपनी क्षमता के अनुसार काम शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए आगे आने की अपील की।

समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए निर्देश
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के रोजगार और लोन से जुड़े प्रकरण तैयार करने में मदद की गई। अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया भी बताई। दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं।
कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्याओं का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप संचालक पंकज सांवले सहित अधिकारी-कर्मचारी, बैंक प्रतिनिधि और दिव्यांगजन मौजूद रहे।