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राम मंदिर दान विवाद पर दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, चंपत राय पर FIR की मांग

पूर्व दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र में हुए दान चोरी मामले को लेकर उज्जैन में केंद्र सरकार, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर निशाना साधा है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भ्रष्ट बताते हुए उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है । उन्होंने पीएम पर भी तंज कस्ते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा राम मंदिर, महाकाल मंदिर की व्यवस्था और कथित जमीन घोटाले को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद पर भी कहा कि इसमें इंदौर का नाम पहले होना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे सीएम मोहन यादव को सलाह देने उज्जैन आए हैं। उन्होंने कहा, “इतने विभाग आपके पास हैं, इतनी गड़बड़ी हो रही है अधिकारीयों को जवाब देना पड़ेगा। हम आपको छोड़ने वाले नहीं हैं।”

दिग्विजय सिंह ने बताया – ‘RSS और VHP को धर्म से नहीं, सत्ता से मतलब’

राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को धर्म और धार्मिक कार्यों से कोई मतलब नहीं है, उन्हें सिर्फ सत्ता से का गुरुर है, सत्ता से मतलब है, उन्हें और कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि इन संगठनों पर कोई कानून लागू नहीं होता और ये सनातनियों को लगातार ठग रहे हैं।

उन्होंने कहा, “चंपत राय कौन हैं? उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। धर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वे संघ के प्रचारक रहे, बाद में विहिप ने उन्हें ले लिया। सादगी का नाटक करते हैं। चांदी की ईंट, जेवर, नकदी और विदेशी चंदे में गड़बड़ी पाई गई है। आरएसएस और विहिप से बड़ा बेईमान और गद्दार कोई नहीं है।”

महाकाल मंदिर पर भी साधा निशाना

महाकाल मंदिर की व्यवस्था पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे उस समय से विरोध कर रहे हैं, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने महाकाल मंदिर की जमीन आरएसएस से जुड़ी संस्था को दे दी थी। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में वे अदालत भी गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने मंदिर की जमीन पर कब्जा कर गेस्ट हाउस बना लिए हैं और साधु-संतों को महत्व नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा, “आज स्थिति यह है कि बजरंग दल की चिट्ठी के बिना भस्म आरती तक नहीं मिलती।”

जमीन घोटाले पर दिखाए दस्तावेज

दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान कुछ फाइलें और दस्तावेज भी दिखाए। उन्होंने कहा कि एक मीडिया रिपोर्ट के खुलासे के बाद उनके पास नए दस्तावेज आए हैं। उन्होंने कहा कि कई नाम सामने आए हैं, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही वे उनका खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा, “अभी मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद सब कुछ सामने लाऊंगा।

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