Digha Jagannath Temple: पहली बार विशेष दोल उत्सव, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए तैयारियां

पूर्व मेदिनीपुर जिले के समुद्रतटीय पर्यटन केंद्र दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष पहली बार दोल उत्सव विशेष रूप से मनाया जाएगा। मंदिर के उद्घाटन के बाद यह पहला दोल पर्व होने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या में आगमन की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन और होटल व्यवसायी दोनों इस अवसर को लेकर उत्साहित हैं।

दोल पर्व के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को नए वस्त्र और पुष्पों से सजाया जाएगा। प्रतिमाओं को अबीर से श्रृंगारित करने के साथ दोपहर में विशेष अभिषेक और शाम को पूजा के बाद भोग अर्पित किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट कमेटी के सदस्य और इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने बताया कि विशेष पूजा और भोग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु मायापुर में बड़ी संख्या में आते हैं और इस बार दीघा के जगन्नाथ मंदिर को लेकर विदेशी भक्तों में भी उत्साह देखा जा रहा है। अब तक मंदिर में 15 हजार से अधिक पर्यटक दर्शन कर चुके हैं।

मायापुर से दीघा बस सेवा शुरू होने के कारण विदेशी श्रद्धालुओं के लिए आगमन आसान हुआ है।

दीघा-शंकरपुर होटलियर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विप्रदास चक्रवर्ती ने बताया कि दोल की छुट्टियों को देखते हुए अग्रिम बुकिंग में तेजी आई है और अधिकांश होटलों के 40–50 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं। न्यू दीघा होटलियर्स एसोसिएशन के अनुसार न्यू दीघा क्षेत्र में 25–30 प्रतिशत अग्रिम बुकिंग दर्ज की गई है और स्पॉट बुकिंग बेहतर रहने की उम्मीद है।

दीघा-शंकरपुर विकास परिषद के प्रशासक सुरजीत पंडित ने कहा कि संभावित भीड़ को देखते हुए पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि उत्सव के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यह पहल Digha Jagannath Temple First Dol Festival को सफल बनाने के साथ Coastal Tourism West Bengal को भी बढ़ावा देगी और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव सुनिश्चित करेगी।

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