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धार में डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा: 66 डेंगू, 21 मलेरिया और 2 चिकनगुनिया के मरीज; जिले में सिर्फ 2 कर्मचारी, बजट भी नहीं

धार। जिले में बारिश के बाद मच्छरों से होने वाली बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक डेंगू के 66, मलेरिया के 21 और चिकनगुनिया के 2 मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बड़े भौगोलिक क्षेत्र में रोकथाम और निगरानी के लिए मैदानी अमले की कमी चुनौती बनी हुई है।

जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र जैन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को मच्छरों से बचाव और बीमारी की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जिले में सिर्फ 2 कर्मचारी, और बजट भी नहीं 
अधिकारी के मुताबिक जिले में रोकथाम और निगरानी के लिए वर्तमान में सिर्फ 2 मैदानी कर्मचारी उपलब्ध हैं। इतने बड़े क्षेत्र में सीमित स्टाफ के कारण समय पर बड़े स्तर पर छिड़काव और निगरानी करना मुश्किल हो रहा है।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शासन स्तर से फिलहाल कोई विशेष बजट या अलग मद आवंटित नहीं हुआ है। विभाग उपलब्ध संसाधनों में ही गतिविधियां संचालित कर रहा है।

घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील
बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ने को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढंककर रखने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि बीमारी से बचाव के लिए लोगों की सतर्कता भी जरूरी है।

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