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वाराणसी में मनाई जा रही है देव दीपावली, गंगा आरती और दीपदान बने आकर्षण का केंद्र

वाराणसी, 04 नवम्बर 2025 — उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज भव्य देव दीपावली का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व देवताओं के पृथ्वी पर अवतरण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और इसे दीपोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा की सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जो आत्मा की शुद्धि के लिए पवित्र गंगा में स्नान कर रहे हैं।

गोधूलि बेला में वाराणसी के सभी प्रमुख घाटों पर हज़ारों दीये जलाकर गंगा आरती और दीपदान किया जाएगा। घरों, मंदिरों और घाटों पर जलते दीपों से पूरी काशी स्वर्णिम प्रकाश से नहा उठेगी। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जलाए गए दीप देवताओं को पृथ्वी लोक की ओर ले जाते हैं और गंगा में स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

शाम को दशाश्वमेध घाट पर आयोजित भव्य गंगा आरती इस पर्व का मुख्य आकर्षण रहेगी। पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार, शंखनाद और लयबद्ध घंटियों की गूंज वातावरण को आध्यात्मिक बना देती है। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस अद्भुत नजारे को देखने वाराणसी पहुँचे हैं।

देव दीपावली के अवसर पर पूरे शहर को सजाया गया है, घाटों पर रंगोली और फूलों की सुंदर सजावट की गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

देव दीपावली को काशी में “दीपों का त्योहार” कहा जाता है, जब पूरी नगरी एक दिव्य प्रकाशमय वातावरण में परिवर्तित हो जाती है और गंगा के जल में दीपों की झिलमिलाती लहरें आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत करती हैं।

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