ग्रीनलैंड पर बयान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ डेनमार्क और ग्रीनलैंड में बड़े प्रदर्शन

ग्रीनलैंड पर हर हाल में नियंत्रण करने की डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन और ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन भी शनिवार को नुउक से अमेरिकी दूतावास तक किए गए प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं, कोपेनहेगन स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने भी बड़ी संख्या में लोगों ने ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद नुउक में प्रदर्शनकारियों ने
👉 “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है”
के नारे लगाए।

इसी बीच, डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस कून्स और रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कोपेनहेगन का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं को आश्वासन दिया कि ट्रंप के बयान अमेरिकी जनता की राय नहीं हैं और अमेरिकी कांग्रेस संप्रभुता के सिद्धांतों का सम्मान करती है

ग्रीनलैंड मुद्दे पर डेनमार्क और यूरोपीय देशों के विरोध के जवाब में ट्रंप ने कड़े आर्थिक कदम और टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इस पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यूरोपीय देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैरिफ की धमकी अस्वीकार्य है और जरूरत पड़ने पर सामूहिक जवाब दिया जाएगा।

डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने ट्रंप की धमकी पर हैरानी जताई और कहा कि ग्रीनलैंड में सुरक्षा बढ़ाना आर्कटिक क्षेत्र की रक्षा के लिए आवश्यक है।

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि यूरोपीय देश मिलकर जवाब देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं और स्वीडन किसी भी धमकी से नहीं डरेगा। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि नाटो सहयोगियों को एकजुट होकर ट्रंप प्रशासन से सीधी बातचीत करनी चाहिए।

यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के राजदूत रविवार को आपात बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। बैठक की अध्यक्षता साइप्रस करेगा।

यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने संयुक्त बयान में कहा कि ट्रंप की टैरिफ धमकियां ट्रांस-अटलांटिक संबंधों को कमजोर करती हैं। यूरोप इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है और डेनमार्क व ग्रीनलैंड के साथ मजबूती से खड़ा है।

उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से ग्रीनलैंड हासिल करना चाहिए, जिसे उन्होंने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए अहम बताया। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने साफ कर दिया है कि
👉 ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है,
और वहां के नागरिकों ने किसी भी संभावित अधिग्रहण का खुलकर विरोध किया है।

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