दिल्ली में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को मिलेगा बढ़ावा, 50 हजार रुपये तक की सहायता देगी सरकार
राजधानी दिल्ली में जल संरक्षण और भूजल स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “कैच द रेन” अभियान की भावना को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली को जल-सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर मिलेगी 50 हजार रुपये तक की सहायता
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि जो नागरिक या संस्थान रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करेंगे, उन्हें 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की छूट देने की योजना भी बनाई गई है।
सरकार का मानना है कि इस प्रोत्साहन से अधिक से अधिक लोग वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
तकनीकी सहायता भी देगा दिल्ली जल बोर्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के इच्छुक लोगों को दिल्ली जल बोर्ड की ओर से तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा डिजाइन, स्थापना और रखरखाव संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि लोग आसानी से इस प्रणाली को अपनाकर जल संरक्षण में योगदान दे सकें।
100 वर्ग मीटर से बड़े भवनों में हो सकती है अनिवार्यता
दिल्ली सरकार 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इस कदम से बड़े आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत परिसरों में वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
75 सीएम श्री स्कूलों में होगा 50 करोड़ लीटर जल संचयन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी के 75 सीएम श्री स्कूलों में बड़े पैमाने पर वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की जा रही है। इस परियोजना के तहत लगभग 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संग्रहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
भूजल स्तर सुधारने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में वर्षा जल संचयन भूजल पुनर्भरण का सबसे प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 2500 वर्ग फुट की छत से सालभर में करीब दो लाख लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकता है, जो जल संकट को कम करने और भूजल स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की तैयारी
सरकार सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों और अन्य परिसरों में भी जल संरक्षण उपायों को लागू करने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे जल संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें और वर्षा जल संचयन जैसी पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली को जल-सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दिशा में अग्रणी शहर बनाया जा सकेगा। जल संरक्षण की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
