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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उन्हें विनम्र नमन किया। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रारंभिक और सबसे प्रखर प्रतीकों में से एक थीं, जिनकी वीरता और राष्ट्रभक्ति ने आने वाली पीढ़ियों को साहस और संघर्ष का मार्ग दिखाया। मुख्यमंत्री द्वारा रानी लक्ष्मीबाई को किया गया यह नमन उनके असाधारण योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

डॉ. यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि रानी लक्ष्मीबाई अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध युद्धभूमि में डटकर संघर्ष किया और 1857 की क्रांति को नई दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की जयंती हमें उनके बलिदान, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को फिर से स्मरण करने का अवसर देती है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस दृढ़ता और पराक्रम के साथ रानी लक्ष्मीबाई ने मातृभूमि की रक्षा की, वह भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन् यादव ने जोर देकर कहा कि युवा पीढ़ी को भी रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के इस अवसर पर पूरे प्रदेश में भी विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने भी उनकी स्मृति में कई प्रेरणादायी गतिविधियों की शुरुआत की है, जिससे नई पीढ़ी को वीरांगना की गौरवशाली गाथा से अवगत कराया जा सके। मुख्यमंत्री द्वारा रानी लक्ष्मीबाई को किया गया नमन इस ऐतिहासिक दिवस को और अधिक सार्थक बनाता है।

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