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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों के आत्मनिर्भर विकास हेतु राज्यस्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पंचायतों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यह कार्यशाला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित की गई है और इसमें राज्यभर से आए प्रतिनिधि व अधिकारी भाग ले रहे हैं।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना, स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना और गांवों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से प्रगति करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत पंचायतें ही मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बनती हैं और उनकी क्षमता वृद्धि से विकास की गति कई गुना बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञों, योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को प्रेजेंटेशन एवं प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से विभिन्न अभिनव मॉडल और सफल प्रयोगों की जानकारी दी जाएगी। इससे स्थानीय शासन प्रणाली को और अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

26 नवंबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में आत्मनिर्भर पंचायतों के निर्माण, राजस्व सृजन, डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक सहभागिता और ग्राम स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें पंचायतों के लिए नई रणनीतियों और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।

ग्रामीण विकास विभाग को उम्मीद है कि यह कार्यशाला पंचायत प्रतिनिधियों को नई दिशा, नए विचार और प्रभावी नीति-निर्माण के लिए मजबूत आधार देगी, जिससे गांवों में सतत और समग्र विकास को बढ़ावा मिल सकेगा।

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