मणिपुर में आतंकवाद विरोधी अभियान तेज, तीन उग्रवादी गिरफ्तार; हथियार और विस्फोटक बरामद

मणिपुर में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और तेज करते हुए सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के विभिन्न जिलों में की गई आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों के दौरान तीन सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। साथ ही भारत–म्यांमार सीमा के संवेदनशील इलाकों में लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।

मणिपुर पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, 29 जनवरी को इंफाल पूर्वी जिला के पोरोमपत थाना क्षेत्र स्थित पैलेस गेट इलाके से केसीपी (एमसी प्रोग्रेसिव) गुट के दो सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखोम डेविड सिंह उर्फ एटोम्बा (24) और पोटशांगबम जॉनसन सिंह उर्फ अबुंगो (25) के रूप में हुई है। दोनों के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

इसी दिन एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्वी जिले के लामलाई थाना क्षेत्र के नोंगडा अवांग लेइकाई से प्रीपाक (प्रो) (जी-5) गुट के एक सक्रिय कैडर युमनाम पंचायफाबा मैतेई उर्फ याइखोंबा (30) को गिरफ्तार किया। उसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में भी सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली। तेंग्नोपाल थाना क्षेत्र के ताराओ लमखाई इलाके से तीन इम्प्रोवाइज्ड पोम्पी मोर्टार, एक IED, तीन हैंड ग्रेनेड और चार्जर के साथ एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया।

इसके अलावा मोरेह थाना क्षेत्र के तहत भारत–म्यांमार सीमा पर सीमा स्तंभ 72–73 के पास स्थित यांगौबुंग गांव से बरामद तीन IED को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

चुराचांदपुर जिला में भी हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा जब्त किया गया। साइकुल गांव इलाके से एक ऑटोमैटिक राइफल, एक स्थानीय रूप से बनी बोल्ट-एक्शन राइफल, .22 पिस्तौल, एक स्थानीय निर्मित रिवॉल्वर, तीन IED, 7.62 मिमी SLR के पांच जीवित राउंड और अन्य सामग्री बरामद की गई।

पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये अभियान राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करने और उन्हें पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे हैं। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों और संघर्ष-प्रवण जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे आतंकवाद विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेंगे

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