दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना की पहली बमवर्षक गश्त, फिलीपींस को कड़ी चेतावनी

दक्षिण चीन सागर में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। चीन की सेना ने विवादित समुद्री क्षेत्र में पहली बार अपने लड़ाकू विमानों के साथ बमवर्षक गश्त की है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब फिलीपींस ने अमेरिका और जापान के साथ संयुक्त समुद्री गश्त आयोजित की थी। बीजिंग ने इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय दावों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया।
दक्षिण चीन सागर के अधिकांश क्षेत्रों पर दावा जताने वाला चीन लंबे समय से फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के साथ समुद्री विवादों में उलझा हुआ है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में से एक है और इसी कारण इसकी सामरिक अहमियत बेहद अधिक है। चीन के इस नए कदम से क्षेत्र में शक्ति संतुलन और भी अधिक संवेदनशील हो गया है।
चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की सदर्न थिएटर कमान ने कहा कि यह बमवर्षक गश्त फिलीपींस द्वारा “बाहरी ताकतों” के साथ की गई संयुक्त गतिविधियों के जवाब में की गई है। कमान का कहना है कि ऐसी सैन्य गतिविधियां चीन की संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
फिलीपींस की हालिया संयुक्त गश्त को बीजिंग ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। वहीं, फिलीपींस का कहना है कि यह गश्त समुद्री सुरक्षा और स्वतंत्र नौवहन को बनाए रखने के लिए की जा रही है। दोनों देशों के बीच कई महीनों से दक्षिण चीन सागर में टकराव जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसके बीच यह नई कार्रवाई एक और बड़ा संकेत है कि विवाद जल्द शांत नहीं होने वाला।
क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, चीन की यह बमवर्षक गश्त आने वाले समय में दक्षिण चीन सागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा समीकरणों को और जटिल बना सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की उपस्थिति तथा चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियां इस क्षेत्र को वैश्विक भू-राजनीति का केंद्र बना रही हैं।






