चैत्र नवरात्र का चौथा दिन: मां कूष्मांडा की भक्ति में डूबे श्रद्धालु, मंदिरों में उमड़ी भीड़

चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए कतारों में लगे रहे और विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूर्वांचल के प्रमुख आस्था केंद्र चौकियां धाम स्थित मां शीतला मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर मां का आकर्षक श्रृंगार गेंदा, गुड़हल और सफेद गुलाब की मालाओं से किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पुत्री की सलामती और परिवार के कल्याण की कामना के साथ तालाब में स्नान कर पूजा-अर्चना की। दिनभर दर्शन और पूजा का क्रम जारी रहा।
मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि इस वर्ष नवरात्र के चौथे दिन स्वाति नक्षत्र, वैधृति योग और रवियोग का शुभ संयोग बन रहा है, जो अत्यंत फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कूष्मांडा सृष्टि की आदिशक्ति हैं, जिन्होंने अपने मंद हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी। देवी की आठ भुजाएं होती हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और सिद्धियों के प्रतीक मौजूद होते हैं, जबकि उनका वाहन सिंह है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।






