भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भूटान में प्रदर्शनी हेतु रवाना, वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में होंगे स्थापित

नई दिल्ली, 7 नवम्बर 2025 — भारत से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष अब भूटान में प्रदर्शनी के लिए भेजे जा रहे हैं। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित इन अवशेषों को आज ग्यारह दिन की सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए भूटान रवाना किया जाएगा। इस भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे।
संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि यह प्रदर्शनी थिम्पू में आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव (Global Peace Prayer Festival) का एक हिस्सा है। यह आयोजन भूटान के चौथे राजा, जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के अवसर पर किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य वैश्विक शांति, सद्भाव और मानवता की भावना को रेखांकित करना है।
भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों को ताशिचो द्ज़ोंग के कुएनरे हॉल में सार्वजनिक दर्शन और पूजा के लिए स्थापित किया जाएगा।
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा कि यह पहल भूटान के राजा की उस दृष्टि का परिणाम है जिसके तहत उन्होंने शांति और करुणा के संदेश को विश्वभर में फैलाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध के अवशेषों की यह भूटान की दूसरी यात्रा है। यह कार्यक्रम भारत के संस्कृति मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) के सहयोगात्मक प्रयास से संभव हुआ है।
यह आयोजन भारत और भूटान के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






