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BRICS 2026 ; 9 जून से होगी आयोजन की शुरुआत, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को चुना गया है, जहां भारत के विदेश मत्रियों की बैठक होगी और भारत इसकी मेजबानी करेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बड़े आयोजन की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और आज यह 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ यह विश्व केमत्वपूर्ण समूहों में से एक बन गया है। वैश्विक दृष्टिकोण से यह समूह बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली साबित होगा, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 % कृषि भूमि, 68 % कृषि जोतें और करीब 42 % खाद्य उत्पादन इन्हीं ब्रिक्स देशों के पास है।

पहले भी भारत तीन सम्मेलनों की अध्यक्षता कर चुका

इस मंच पर होने वाला सहयोग पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है । भारत इससे पहले भी साल 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है, जिसके दौरान 2016 में ‘ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच’ जैसी बड़ी पहल शुरू की गई थी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा

अधिकारियों के समूह ने अब तक आठ बैठकें की हैं, जिनमें खाद्य सुरक्षा फिशरीज पशुपालन जैसे विषयों पर विमर्श हुआ है। हमारी प्रत्येक नीति नवाचार के केंद्र में छोटे जोत वाले किसान रहे हैं, इनकी अपनी समस्याएं हैं। रिसर्च का लाभ इन्हें मिले बाजार तक इनकी पहुंच आसान हो। कृषि क्रेडिट का प्रवाह इनकी तरफ बढ़े। किसानों की आय रोजगार आजीविका और सतत कृषि विकास पर चर्चा होगी।

20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

इस बार इंदौर में आयोजित हो रहा यह सम्मेलन इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की यह बैठक मंत्री स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों सहित लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होने जा रहे हैं । कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत की अध्यक्षता में अब तक कृषि कार्य समूह के अंतर्गत 4 सत्रों में 8 सफल बैठकें होंगी।

9 जून से होगी आयोजन की शुरुआत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने पुनर्योजी कृषि, सतत पद्धतियों और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी आधुनिक तकनीकों को छोटे किसानों तक पहुँचाने पर जोर दिया जायेगा। इसके साथ ही कृषि के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए महिलाओं और युवाओं के नेतृत्व पर जोर दिया जायेगा है। इसी सिलसिले में 12 जून को “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर एक विशेष मंत्री स्तरीय संवाद भी होगा।

तय कार्यक्रम के मुताबिक, 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी और इसके बाद 12 से 13 जून को मुख्य कृषि मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन और किसानों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीर मंथन होगा ।

 

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