अमित मालवीय मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई की मांग की

मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने के बाद भाजपा ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने इस फैसले के बाद उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि यह फैसला द्रमुक की “हिंदू-विरोधी और संविधान-विरोधी सोच” को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई थी।
शहज़ाद पूनावाला ने कहा, “सत्यमेव जयते। सच हमेशा जीतता है। मद्रास उच्च न्यायालय ने उस एफआईआर को रद्द किया है, जिसका उद्देश्य केवल सच बोलने पर अमित मालवीय को परेशान करना और दंडित करना था।”
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन एक ऐसे सम्मेलन में शामिल हुए थे, जहां सनातन धर्म के ‘पूर्ण उन्मूलन’ की बात की गई थी। उन्होंने कहा कि उदयनिधि ने न केवल उस सम्मेलन में भाग लिया, बल्कि सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी।
पूनावाला ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय द्रमुक सरकार की पूरी मशीनरी उस व्यक्ति के पीछे लगा दी गई, जिसने इस मुद्दे को जनता के सामने रखा। भाजपा ने स्पष्ट किया कि पार्टी सनातन धर्म और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी और “सच बोलने वालों को दबाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तिरुचि शहर पुलिस द्वारा वर्ष 2023 में अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया था। यह एफआईआर उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म’ पर टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप में दर्ज की गई थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियां ‘नफरती भाषण’ के दायरे में आती हैं।
इस फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और भाजपा ने द्रमुक सरकार पर चयनात्मक कार्रवाई और राजनीतिक दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।






