बड़ी बिल्लियों के संरक्षण पर केंद्र का फोकस, 5 राज्यों में होंगे थीम आधारित कार्यक्रम

देश में बड़ी बिल्लियों के संरक्षण को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस शिखर सम्मेलन-2026 से पहले पांच थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए बाघ, एशियाई शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण से जुड़े प्रयासों, उपलब्धियों और चुनौतियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाया जाएगा।
Ministry of Environment, Forest and Climate Change ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि ये कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों का आयोजन गुजरात के Gir National Park, मध्य प्रदेश के Bhopal, ओडिशा के Bhubaneswar, सिक्किम के Gangtok और महाराष्ट्र के Chandrapur में किया जाएगा।
गुजरात के गिर में एशियाई शेर संरक्षण पर विशेष कार्यक्रम होगा, जहां प्रोजेक्ट लायन, वैज्ञानिक निगरानी प्रणाली, आवास सुधार और मालधारी समुदाय की भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाघ संरक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट टाइगर, वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और मानव-बाघ संघर्ष कम करने के उपायों को प्रदर्शित किया जाएगा।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में तेंदुआ संरक्षण और जैव विविधता अंतरराष्ट्रीय दिवस से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने, बचाव तंत्र मजबूत करने और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने पर चर्चा की जाएगी। सिक्किम की राजधानी गंगटोक में हिम तेंदुआ संरक्षण कार्यक्रम के तहत हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चीता संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों के पुनर्वास, घासभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और वैज्ञानिक निगरानी प्रणाली पर चर्चा होगी।
मंत्रालय के अनुसार, International Big Cat Alliance भारत की पहल पर शुरू किया गया एक वैश्विक मंच है, जिसका उद्देश्य दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।






