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भोपाल में CM मोहन ने 1.21 लाख छात्रों को दी लैपटॉप की राशि: भविष्य में स्कूटी देने का भी वादा; 304 करोड़ DBT से ट्रांसफर किए

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1.21 लाख से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप के लिए 304 करोड़ की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले समय में मेधावी छात्रों को स्कूटी की सौगात भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों की व्यावहारिक जरूरतों को समझते हैं।

स्कूल में यूनिफॉर्म, कॉलेज में स्कूटी 
सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक छात्र को शुरुआत में यूनिफॉर्म और किताबों की जरूरत होती है, जिसे सरकार पहले ही पूरा कर रही है। माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद जब वे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर कदम बढ़ाते हैं, तब उन्हें लैपटॉप जैसे आधुनिक डिजिटल उपकरण की आवश्यकता होती है। इसके बाद कॉलेज जाने की सुविधा के लिए स्कूटी का संबल भी सरकार उपलब्ध कराएगी, ताकि प्रदेश की प्रतिभाओं की राह में कोई बाधा न रहे।

विद्यार्थी हित में मोहन सरकार का रोडमैप
बुनियादी से लेकर डिजिटल सशक्तिकरण तक: प्राथमिक स्तर पर मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म देने के बाद अब 12वीं के होनहारों को लैपटॉप की राशि सीधे बैंक खातों में दी गई। बिना किसी माध्यम या देरी के प्रदेश भर के 1,21,000 छात्रों के खातों में सहायता राशि पहुंची।

लैपटॉप से खुलेगी संभावनाओं की दुनिया
ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि के छात्र भी अब घर बैठे ऑनलाइन क्लासेस, रिसर्च, कोडिंग और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। उच्च शिक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों तक आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से सरकार जल्द ही पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी योजना का लाभ भी प्रदान करेगी।

हर बच्चे को साधन-सम्पन्न बनाना उद्देश्य 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को साधन-सम्पन्न बनाकर राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाना है। जब सरकार किताबें, यूनिफॉर्म, लैपटॉप और आवागमन के साधन जैसे बुनियादी संबल मुहैया कराती है, तो विद्यार्थी पूरी एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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