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भोपाल में बदमाशों ने पुलिस आरक्षक को किया किडनैप: हाथ-पैर, मुंह बांधकर पीटा; मोबाइल लेकर भागे

भोपाल। शाहपुरा इलाके में बदमाशों ने चेकिंग के दौरान पुलिस आरक्षक का ही अपहरण कर लिया। घटना 7-8 अगस्त की रात की है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदरराम पटेल अपने साथी के साथ गश्त पर थे। संदिग्ध कार को रोकने के बाद आरक्षक कार में सवार हुए। उनका साथी बाइक से आगे निकल गया। इसी दौरान कार सवार बदमाशों ने आरक्षक को बंधक बना लिया।

आरक्षक के हाथ-पैर और मुंह बांधे
आरोपियों ने आरक्षक के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए। उसका मोबाइल फोन छीनकर बंद कर दिया गया और कार में ही उसके साथ मारपीट की गई। जब आरक्षक काफी देर तक थाने नहीं पहुंचा तो साथी पुलिसकर्मियों ने उसे फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद कंट्रोल रूम के जरिए भोपाल में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी और चेकिंग शुरू कराई गई।

मोबाइल लेकर भाग गए
आरक्षक के पास वायरलेस सेट भी था। पुलिस की ओर से चेकिंग और नाकाबंदी के संदेश प्रसारित होने लगे तो आरोपियों को पुलिस के सक्रिय होने का पता चल गया। इसके बाद उन्होंने आरक्षक के साथ फिर मारपीट की। तड़के आरोपियों ने उसे एमपी नगर इलाके में शासकीय मुद्रणालय के पास सड़क किनारे फेंक दिया और उसका मोबाइल लेकर फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज से की आरोपियों की पहचान
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कार के नंबर की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया है। पूछताछ में एक आरोपी के विदिशा जिले के गंजबासौदा का रहने वाला होने की जानकारी सामने आई है, जबकि दूसरा भोपाल का बताया जा रहा है।

कार वकील के नाम पर रजिस्टर्ड
वारदात में इस्तेमाल कार एक वकील के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कार लेकर कैसे निकले और क्या वाहन चोरी का था। मामले में अपहरण और लूट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

अधिकारी घटना दबाने की कोशिश कर रहे
घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों के स्तर पर इसे सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश किए जाने की चर्चा है। आधिकारिक तौर पर इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

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