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राष्ट्रपति के साथ बंगाल सरकार का व्यवहार शर्मनाक : बाबूलाल मरांडी

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल सरकार के कथित व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक बताया है।

मरांडी ने शनिवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनके प्रति इस तरह का व्यवहार न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि इससे आदिवासी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं

संवैधानिक पदों का सम्मान जरूरी

मरांडी ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी, उसे पूरे देश ने महसूस किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्र के सर्वोच्च पद और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान करना हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है।

मरांडी ने कहा कि उनसे उम्मीद थी कि वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक पदों की गरिमा का पालन सुनिश्चित करेंगी, लेकिन सत्ता के अहंकार में राष्ट्रपति पद की गरिमा और संथाल आदिवासी समाज का अपमान किया गया है।

उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताते हुए राज्य सरकार के रवैये की कड़ी निंदा की।

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