मिथिला की कला-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान, अयोध्या में बनेगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने Ayodhya में माता सीता के जीवन और आदर्शों पर आधारित एक विशेष ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए हैं। इस गैलरी का उद्देश्य मिथिला की कला, संस्कृति और लोकपरंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाना है।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि माता सीता भारतीय सभ्यता की आत्मा हैं और उनका जीवन त्याग, धैर्य, करुणा, साहस और नारी शक्ति का अनुपम उदाहरण है। नई पीढ़ी को उनके जीवन-मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैदेही आर्ट गैलरी एक पारंपरिक संग्रहालय मात्र नहीं होगी, बल्कि इसे एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक तकनीक, डिजिटल माध्यम, दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतियों और कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए माता सीता के जीवन प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि गैलरी की डिजाइन, कथा-वस्तु और विज़ुअल प्रस्तुति इस भाव को दर्शाए कि यह एक दिव्य और शाश्वत सांस्कृतिक विरासत है। आगंतुक केवल इसे देखें ही नहीं, बल्कि माता सीता के जीवन-संदेश को महसूस करें और आत्मसात करें।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद में मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि यह परियोजना श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वरिष्ठ वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही का केंद्र है, जिससे इस गैलरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि गैलरी में मिथिला चित्रकला (मधुबनी आर्ट), लोककथाएं, परंपरागत संगीत और सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से मिथिला की समृद्ध विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। इससे माता सीता की जन्मभूमि की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी का निर्माण अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजना की योजना, डिजाइन और क्रियान्वयन में गुणवत्ता, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि वैदेही आर्ट गैलरी आने वाले समय में श्रद्धा, संस्कृति और प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बन सके।






