असम में जंगली हाथियों का आतंक: नगांव में महिला समेत दो की मौत, ग्वालपाड़ा में करंट से हाथी की मौत
नगांव/ग्वालपाड़ा (असम)। असम के नगांव जिले के कचुवा क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, ग्वालपाड़ा जिले के मरनै इलाके में करंट लगने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, नगांव जिले के कचुवा क्षेत्र में बीती रात जंगली हाथियों के झुंड ने आबादी वाले इलाके में घुसकर लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों और घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्वालपाड़ा में करंट लगने से हाथी की मौत
इधर, ग्वालपाड़ा जिले के मरनै क्षेत्र में एक जंगली हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि हाथी नीचे लटक रहे या अवैध रूप से जोड़े गए बिजली के तार के संपर्क में आया था।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर बढ़ी चिंता
इन घटनाओं के बाद असम में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बिजली के खतरनाक तारों की नियमित निगरानी की मांग की है।
वन विभाग ने कहा है कि दोनों घटनाओं की जांच जारी है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
