सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी, भारत हर चुनौती के लिए तैयार

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नई दिल्ली में आयोजित चाणक्य रक्षा संवाद के उद्घाटन समारोह में उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक सुरक्षा बलों ने लगभग 31 आतंकवादियों को ढेर किया है, जिनमें से 61 प्रतिशत पाकिस्तानी थे। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर में अब पथराव और नारेबाजी जैसी घटनाएँ लगभग समाप्त हो चुकी हैं, जो सुरक्षा परिदृश्य में बड़ी प्रगति का संकेत है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत हर प्रकार के युद्ध का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी देश या समूह आतंकवाद को बढ़ावा देगा, उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की नीति हमेशा स्पष्ट रही है—बातचीत और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते।
अपने संबोधन में सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक “ट्रेलर” था और भारतीय सशस्त्र बल भविष्य में किसी भी चुनौती का तेजी से और निर्णायक जवाब दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान कोई गलत कदम उठाता है, तो भारतीय सेना उसे सिखाएगी कि भारत के साथ जिम्मेदारी से कैसे व्यवहार किया जाता है।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि चाणक्य रक्षा संवाद का तीसरा संस्करण 27 से 28 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का विषय है—“प्रदर्शन से परिवर्तन: सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत”, जिसका उद्देश्य भारत की सामरिक क्षमताओं, सुरक्षा दृष्टिकोण और विकास मॉडल पर व्यापक विचार-विमर्श करना है।






