| | |

अनवर डकैत की गिरफ़्तारी पर बोली उषा ठाकुर: ‘अनवर का नाम ही उनका असली परिचय’ फर्जी दस्तावेजों से बनवाया था आर्म्स लाइसेंस

इंदौर। अनवर डकैत की कार्रवाई पर भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि “अनवर डकैत का नाम ही उसके व्यक्तित्व का असली परिचय है।” उन्होंने कहा कि कथित लव जिहाद फंडिंग के बाद अब अवैध आर्म्स लाइसेंस का मामला भी सामने आया है और कानून के दायरे में ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।

जमानत के बाद जेल से बाहर आते ही हुई गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, अनवर को हाल ही में एक अन्य मामले में न्यायालय से जमानत मिली थी। जेल से बाहर आते ही उसे फर्जी आर्म्स लाइसेंस से जुड़े पुराने प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि उसने कथित रूप से जम्मू-कश्मीर के कठुआ से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले 12 बोर बंदूक और बाद में पिस्तौल का आर्म्स लाइसेंस हासिल किया।

धोखाधड़ी का मामला पहले से दर्ज
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अनवर के खिलाफ पिछले वर्ष सितंबर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाई और कथित रूप से नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आर्म्स लाइसेंस बनवाया।

लाइसेंस नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही, कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। दस्तावेजों और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।

पहले भी विवादों में रहा है अनवर
अनवर कादरी का नाम पहले कथित लव जिहाद फंडिंग मामले में भी सामने आ चुका है। इसके अलावा हथियार लेकर एक व्यक्ति के घर पहुंचने का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसी के बाद पुलिस ने उसके आर्म्स लाइसेंस की जांच शुरू की थी, जिसमें कथित अनियमितताएं सामने आने पर मामला दर्ज किया गया।
उषा ठाकुर ने उठाए सवाल
भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि यह मामला पहले भी विधानसभा में उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कठुआ से जारी हुआ कथित फर्जी लाइसेंस प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान सर्वोपरि हैं तथा असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है, तब समाज को उसका नुकसान उठाना पड़ता है।
Share