नई दिल्ली में आज से शुरू होगा छठा अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान सम्मेलन, 1000 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि होंगे शामिल

नई दिल्ली में आज से छठा अंतरराष्ट्रीय कृषि विज्ञान सम्मेलन शुभारंभ हो रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। तीन दिवसीय इस वैश्विक कार्यक्रम में पूर्ण सत्र, विषयगत संगोष्ठियां, मुख्य व्याख्यान, पोस्टर प्रस्तुति, प्रदर्शनी और युवा वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों की विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी। कृषि मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में दुनिया भर से एक हजार से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिससे यह वैज्ञानिक विचार-विमर्श का एक प्रभावी वैश्विक मंच बन जाएगा।
सम्मेलन में कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के उप-महानिदेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, कृषि व्यवसाय नवाचार विशेषज्ञ और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वैज्ञानिक शामिल होंगे। विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी से सम्मेलन में आधुनिक कृषि चुनौतियों और उभरती तकनीकों पर गहन चर्चा की उम्मीद है।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “स्मार्ट कृषि खाद्य प्रणालियों के लिए नई कृषि विज्ञान परिकल्पना” रखी गई है। इस थीम के अंतर्गत ऐसी कृषि प्रणालियाँ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा जो भविष्य के अनुरूप अधिक उत्पादक, जलवायु समायोजी और पर्यावरण अनुकूल हों। साथ ही, पोषण संवर्धन और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली नवाचारी तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित रहेगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और बढ़ती खाद्य मांग के बीच, इस तरह के सम्मेलनों से वैज्ञानिक और नीति-निर्माता एक साथ मिलकर व्यवहारिक समाधान तैयार कर सकते हैं। सम्मेलन के दौरान नई रिसर्च, तकनीकी नवाचार और कृषि क्षेत्र के लिए सहयोगात्मक मॉडल सामने आने की भी संभावना है।
यह आयोजन भारत के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रस्तुत होने वाले विचार और शोध आने वाले वर्षों में देश में स्मार्ट कृषि और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।






