हॉस्टल नहीं, खर्च हजारों में; स्टाइपेंड की मांग को लेकर उज्जैन में छात्रों का प्रदर्शन; दीयों से लिखा ‘जय आयुर्वेद’

उज्जैन। धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों और फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं ने बुधवार शाम स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
छात्र फ्रीगंज पहुंचे और शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी मांग की ओर खींचा। बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने दीयों से ‘जय आयुर्वेद’ की आकृति बनाकर विरोध दर्ज कराया।
छात्रों ने इंटर्न डॉक्टरों का मौजूदा 9,383 मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 करने की मांग की। उनका कहना है कि इंटर्न अस्पताल की ओपीडी, वार्ड, डिलीवरी, सर्जरी और वैक्सीनेशन समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं।
इसके अलावा छह महीने मॉडर्न मेडिसिन की ड्यूटी भी करनी होती है। छात्रों के मुताबिक, जिम्मेदारियां और काम के घंटे अधिक होने के बावजूद उन्हें MBBS इंटर्न से कम स्टाइपेंड मिलता है।
किराए पर खर्च होते है 6 हजार
प्रदर्शन में शामिल डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि इंटर्न डॉक्टरों को कॉलेज की ओर से हॉस्टल की सुविधा नहीं मिलती, ऐसे में बाहर कमरा लेकर रहना पड़ता है। किराए पर ही हर महीने 5 से 6 हजार खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा भोजन, आने-जाने और अन्य जरूरी खर्च भी होते हैं। छात्रों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड में ये सभी खर्च उठाना मुश्किल है, जिसके चलते इंटर्नशिप के दौरान परिवार से आर्थिक मदद मांगनी पड़ती है।
3 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल
छात्रों का कहना है कि तेलंगाना, दिल्ली और बिहार सहित कई राज्यों में आयुष इंटर्न डॉक्टरों को 21 से 30 हजार तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी इसे बढ़ाने की मांग की गई। छात्र अनीश ने बताया कि MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 21,500 करने की घोषणा के बाद आयुर्वेद इंटर्न भी इसी सत्र से समान राशि चाहते हैं। छात्रों ने कहा कि 3 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल करेंगे। इससे पहले 23 सितंबर को रैली और प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।