ट्रंप-शी की 24 सितंबर को मुलाकात: वॉशिंगटन में आमने-सामने होंगे दोनों नेता; व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर होगी चर्चा

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 सितंबर को वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा व्यापार को लेकर हो सकती है। दोनों देशों के बीच पिछले साल एक व्यापारिक समझौता हुआ था। अब इसे आगे बढ़ाने पर बात हो सकती है। बड़ी नई डील की उम्मीद फिलहाल कम बताई जा रही है।

अमेरिका के टैरिफ के बाद भी चीन का निर्यात बढ़ा
अमेरिका ने चीन के सामान पर टैरिफ लगाए हैं। इसके बावजूद चीन का दूसरे देशों के साथ कारोबार बढ़ रहा है। चीन का ग्लोबल ट्रेड सरप्लस लगातार दूसरे साल 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा रहने की राह पर है। अमेरिका को भेजे जाने वाले करीब 6,500 तरह के सामान में से आधे से ज्यादा की बिक्री इस साल 2025 के मुकाबले बढ़ी है। चीन में घरेलू मांग कमजोर है और प्रॉपर्टी सेक्टर भी लंबे समय से दबाव में है। इसके बावजूद उसका निर्यात मजबूत बना हुआ है।

AI और व्यापार पर भी होगी बात
बैठक से पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग के बीच बातचीत हुई। इन बातचीत में AI की सुरक्षा और गैर-संवेदनशील सामान के व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन को लेकर भी बातचीत हो सकती है।

ताइवान का मुद्दा भी अहम
ट्रंप और शी की बातचीत में ताइवान का मुद्दा भी उठ सकता है। चीन ताइवान पर अपना दावा करता है। वहीं अमेरिका ताइवान को हथियारों की बिक्री करता रहा है। चीन चाहता है कि अमेरिका ताइवान को लेकर अपनी नीति पर उसके पक्ष को ध्यान में रखे। इसके बदले चीन अमेरिका से कृषि सामान खरीदने और दूसरे आर्थिक मुद्दों पर बातचीत कर सकता है।

ईरान पर भी चर्चा संभव
अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव बनाए ताकि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने की कोशिश हो सके। हालांकि, चीन ने इस मामले में ज्यादा दबाव डालने के संकेत नहीं दिए हैं। दोनों देशों के बीच बैठक में ईरान और मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी चर्चा हो सकती है।

दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता पर जोर
इस बैठक में व्यापार के साथ AI, ताइवान, ईरान और सप्लाई चेन जैसे मुद्दे भी सामने रहेंगे। फिलहाल दोनों देशों का मुख्य लक्ष्य रिश्तों में स्थिरता बनाए रखना और पिछले साल हुए व्यापारिक समझौते को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।

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