राहुल गांधी के कार्यक्रम पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने: बीजेपी बोली- यह झूठ की गूंज है; कांग्रेस ने 86 लाख के मैदान भुगतान पर जताई आपत्ति

इंदौर। 19 तारीख को इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की भूमिका शुरू से संदिग्ध रही है। कांग्रेस ने मैदान 1 तारीख से कब्जे में लेकर काम शुरू कर दिया, जबकि सिर्फ 3 दिन के पैसे जमा किए।
कुल 24 दिन के लिए मैदान लिया गया है, जिसका भुगतान 1 से 24 तारीख तक 86 लाख रुपये बनता है। यह राजस्व और जनता के पैसे का नुकसान है।
परमिशन निरस्त करने की मांग
राकेश यादव ने इस पूरे मामले में आईडीए को पत्र लिखकर पूरा पैसा वसूलने और परमिशन निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईडीए अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसकी जांच होनी चाहिए। बीजेपी ने कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ नाम दिया है। यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पुलिस को भी अंधेरे में रखा है, 15 हजार की अनुमति ली है जबकि 1 लाख लोगों के आने की संभावना है।
यह झूठ की गूंज है
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश यादव ने कहा कि कांग्रेस ने मैदान 1 तारीख से कब्जे में लिया, पैसे सिर्फ 3 दिन के दिए। 24 दिन का 86 लाख बनता है। यह जनता के पैसे का नुकसान है। आईडीए को पूरा पैसा वसूलना चाहिए और परमिशन निरस्त करनी चाहिए। छात्रों की गूंज नहीं, यह झूठ की गूंज है।
यह कार्यक्रम शुद्ध राजनीतिक नहीं
इसपर शहर कांग्रेस प्रवक्ता लोकेश हाडिया ने कहा कि यह कार्यक्रम शुद्ध राजनीतिक नहीं है। इसमें ना कांग्रेस का सिंबल है, ना झंडे हैं, ना कोई नेता राहुल जी के साथ मंच साझा करेगा। राहुल गांधी देश के एलओपी हैं और छात्रों की समस्याओं पर बात करने आ रहे हैं।
बीजेपी चाहती है कि युवा अनपढ़ रहे
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि युवा अनपढ़ रहे ताकि सवाल न करे। अगर एलओपी छात्रों से बात करने आ रहा है तो बीजेपी को पैसों की बात नहीं करनी चाहिए। राकेश यादव बता दें कि बीजेपी को कितने पैसे चाहिए। ये ब्लैकमेलर लोग हैं, सरकार का दबाव-प्रभाव का खेल चल रहा है। हॉस्टल संचालकों को धमकाया जा रहा है कि छात्रों को कार्यक्रम में न जाने दें। हाडिया ने पूछा, मुख्यमंत्री बताएं कि इंदौर में बीजेपी ने 500 छात्रों का एक भी हॉस्टल बनाया हो? 2004 से 2014 और 2014 से 2026 तक शिक्षा का व्यवसायीकरण कितना बढ़ा, फीस कितनी बढ़ी, इस पर बात होनी चाहिए।