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रीवा विधायक अभय मिश्रा ने लिया यू-टर्न: बोले- भैया लाल शुक्ल मेरे प्रेरणा स्त्रोत; उनसे सीखे कंस्ट्रक्शन के गुर

रीवा। मध्य प्रदेश की राजनीति में हाल ही में अपनी विवादित टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने अब अपने राजनीतिक रुख में एक बड़ा बदलाव (यू-टर्न) किया है।

व्यक्तिगत छींटाकशी और जुबानी जंग के इस दौर में उन्होंने अब व्यक्तिगत हमलों को दरकिनार कर केवल जमीनी और जनहित के मुद्दों पर राजनीति करने की सलाह दी है।

भैया लाल शुक्ल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी 
विवादों की शुरुआत तब हुई जब गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में कल्पना मिश्रा की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी आक्रामक तेवर अपनाए हुए थी और जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान एक मंच से जनता को संबोधित करते हुए विधायक अभय मिश्रा ने राज्य के डिप्टी सीएम के स्वर्गीय पिता और संविदाकार भैया लाल शुक्ल पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी।

महिलाओं ने किया था विरोध प्रदर्शन 
विधायक के इस बयान के बाद उनका बहुत विरोध हुआ था। महिलाओं के साथ-साथ वाल्मीकि समाज ने भी उनके इस बयान के विरोध में खुलकर प्रदर्शन किया। इस विवाद का असर यहीं नहीं थमा, बल्कि सत्तारूढ़ दल और विपक्षी नेताओं के बीच व्यक्तिगत हमलों का दौर शुरू हो गया।

अभय मिश्रा को कहा था “स्टेपनी चोर”
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्र का एक तीखा बयान इस दौरान जमकर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने विधायक अभय मिश्रा को “स्टेपनी चोर” तक कह डाला। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी तेजी से वायरल हुई, जिसमें एक कार की स्टेपनी (अतिरिक्त टायर) खोलते हुए दिखाया गया इसके बाद विवाद और बढ़ गया।

भैया लाल शुक्ल की जमकर तारीफ की
तमाम विरोध प्रदर्शनों, आलोचनाओं और खुद पर हो रहे व्यक्तिगत हमलों के दबाव के बीच विधायक अभय मिश्रा ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। उन्होंने अपने बयानों से एक तरह से दूरी बनाते हुए डिप्टी सीएम के स्वर्गीय पिता भैया लाल शुक्ल की जमकर तारीफ की। विधायक ने यहां तक कह डाला कि उन्होंने स्वर्गीय भैया लाल शुक्ल से कंस्ट्रक्शन के गुर सीखे हैं और वे उनके लिए एक प्रेरणा स्रोत रहे हैं।

मुख्य मुद्दों पर फोकस की रणनीति 
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधायक अभय मिश्रा का यह अचानक यू-टर्न बहुत कुछ कहता है और इसके कई अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। एक तरफ जहां इसे चौतरफा घिरने के बाद डैमेज कंट्रोल (नुकसान की भरपाई) के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे व्यक्तिगत बयानों की इस सियासत से बाहर निकलकर फिर से मुख्य मुद्दों पर फोकस करने की एक रणनीति के रूप में भी समझा जा रहा है।

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