BRICS समिट के बीच तिब्बती प्रदर्शन: शी जिनपिंग के विरोध में 60 से ज्यादा हिरासत में; भारत मंडपम की ओर बढ़ रहे थे

नई दिल्ली। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच दिल्ली में तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार रात और रविवार सुबह 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी प्रगति मैदान के पास जमा हुए। ये लोग चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारी भारत मंडपम की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे।
भारत मंडपम की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) और स्टूडेंट्स फॉर अ फ्री तिब्बत (SFT) से जुड़े करीब 64 लोग भैरों मार्ग के पास पहुंचे थे। उनके हाथों में तिब्बत के झंडे थे। वे ‘फ्री तिब्बत’ के नारे लगा रहे थे और भारत मंडपम की ओर बढ़ रहे थे। समिट के चलते यह इलाका हाई-सिक्योरिटी जोन में है। प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें रोकने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने 60 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने बैरिकेड लगाए। बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर वहां से हटाया। इन लोगों को दिल्ली के चार अलग-अलग थानों में ले जाया गया। इनमें अशोक विहार, मंडावली, मधु विहार और गाजीपुर थाना शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चीन के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तिब्बती यूथ कांग्रेस के महासचिव तेनज़िन लोबसांग ने कहा कि उनका विरोध BRICS समिट के आयोजन को लेकर नहीं है। वे दुनिया का ध्यान तिब्बत के मुद्दे की ओर दिलाना चाहते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चीन पर तिब्बत में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने तिब्बती राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ नारे लगाए।
समिट स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ाई
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रगति मैदान और भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी। विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। समिट के दौरान किसी भी तरह की परेशानी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।