झाबुआ में युवाओं की अनूठी पहल: मंदिर नहीं पहुंच पा रहे बुजुर्गों के घर पहुंचे दिनेश्वर परमात्मा; पूजन और आरती कराई

झाबुआ। धर्म और समाज सेवा में जीवनभर समर्पित रहने वाले, लेकिन अस्वस्थता के कारण मंदिर जाने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए जैन समाज के युवाओं ने विशेष पहल की। ‘दर्शन वंदन पूजन अभियान’ के तहत युवाओं की टोली बुजुर्ग श्रावकों के घर पहुंची और वहीं प्रभु की आराधना कराई। अभियान का उद्देश्य बीमार और वृद्ध श्रावकों को घर पर ही प्रभु के दर्शन और भक्ति का लाभ दिलाना है। युवा ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्ति भाव के साथ दिनेश्वर परमात्मा की प्रतिमा और अष्टप्रकारी पूजन सामग्री लेकर वरिष्ठजनों के घर पहुंचे।
घर पर ही हुई पूजा और आरती
इस दौरान अनिल व शोभना जी जैन, लक्ष्मी बाई मार्ग निवासी धन्नालाल जी कटारिया, राधा कृष्ण मार्ग निवासी लीलाबाई गोखरू, श्री संदीप जी जैन ‘नेता जी’ की माताश्री और श्री मुकेश जी रनवाल जी की माताश्री के निवास पर विशेष पूजन-वंदन किया गया। इन वरिष्ठजनों ने जीवन का बड़ा हिस्सा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में समर्पित किया है। स्वास्थ्य संबंधी सीमाओं के कारण वे मंदिर जाकर दर्शन नहीं कर पा रहे थे। इसी को देखते हुए युवाओं ने उनके घर पर ही आराधना की व्यवस्था की।

बुजुर्गों के चेहरे पर दिखी खुशी
घरों में विधि-विधान के साथ भगवान की प्रतिमा विराजमान कर चैत्य वंदन, पूजन और आरती की गई। घर पर ही परमात्मा की आराधना का लाभ मिलने से बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जैन समाज के युवाओं की इस संवेदनशील पहल और सेवाभावी सोच की समाजजनों ने सराहना की। अभियान के जरिए युवाओं ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान और धार्मिक सेवा की मिसाल पेश की।