TET परीक्षा पर फिर बदली व्यवस्था: ESB नहीं कराएगा ऑफलाइन एग्जाम; नई एजेंसी तय करेगी सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर परीक्षा एजेंसी बदलने की स्थिति बन गई है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से TET को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में कराने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जताई है। ESB का कहना है कि वह पिछले करीब छह वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। इसके बाद सरकार अब किसी दूसरी एजेंसी से परीक्षा कराने के विकल्प पर विचार कर रही है।
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक ESB ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने से इनकार किया है। ऐसे में शासन स्तर पर दूसरी एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने की व्यवस्था पर काम चल रहा है। कौन-सी एजेंसी परीक्षा आयोजित करेगी, इसका निर्णय सरकार करेगी। फिलहाल TET के लिए आवेदन और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन के माध्यम से जारी है। ईएसबी के विभागीय टीईटी के इनकार के बाद स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश खुद अपनी परीक्षा भी आयोजित करा सकता है। इस पर अंतिम निर्णय सीएम के लौटने के बाद होगा।
एजेंसी बदली तो तारीख भी बदल सकती है
ESB ने पहले 12 अक्टूबर से TET कराने की तैयारी की थी। अब परीक्षा की जिम्मेदारी दूसरी एजेंसी को मिलने की स्थिति में शेड्यूल में बदलाव संभव है। नई एजेंसी की उपलब्धता और परीक्षा व्यवस्था को देखते हुए सरकार नई तारीख तय कर सकती है। फिलहाल 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी रखने को लेकर कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है।
CM के लौटने के बाद हो सकता है फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 9 सितंबर को भोपाल लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मंत्री के साथ चर्चा के बाद परीक्षा एजेंसी को लेकर निर्णय होने की संभावना है। PSC को जिम्मेदारी देने का विकल्प भी मौजूद है, हालांकि उसने अब तक शिक्षक पात्रता या भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की है।
परीक्षा केंद्रों को लेकर भी उठी मांग
ऑफलाइन परीक्षा के लिए फिलहाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में केंद्र प्रस्तावित हैं। सागर के साथ चंबल और ग्वालियर क्षेत्र के कई जिले इस सूची में नहीं हैं। शिक्षकों की मांग है कि परीक्षा केंद्र जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाए जाएं, ताकि उन्हें दूसरे शहरों में जाने की परेशानी न हो। नई एजेंसी तय होने के बाद केंद्रों की संख्या और स्थानों में भी बदलाव हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा जरूरी
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के बाद शुरू हुई है। आदेश के मुताबिक 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी किया गया है और इसके लिए वर्ष 2028 तक समय दिया गया है। शिक्षकों को हर साल होने वाली परीक्षा में शामिल होने के अवसर मिलेंगे। छह प्रयासों के बाद भी परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त होने का प्रावधान भी आदेश में बताया गया है।
इसी के तहत ESB ने पहले 21 अगस्त से 4 सितंबर तक आवेदन मांगे थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 18 सितंबर कर दिया गया। अब ऑफलाइन परीक्षा को लेकर ESB के इनकार के बाद सरकार के सामने नई एजेंसी, परीक्षा केंद्र और तारीख तय करने की चुनौती है।