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उज्जैन में जहरीली शराब मामले पर बोली उमा भारती- सांसद क्या कर रहे थे: नागपंचमी की घटना से सीख लें; हर बार मंदिर पहुंचना जरूरी नहीं

उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया।

दर्शन के बाद उमा भारती ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले पर चिंता जताई। उन्होंने स्थानीय मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की बात कही।

मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की
उमा भारती ने पूछा कि पंचायत सदस्य, सरपंच, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर पार्षद, विधायक और सांसद आखिर क्या कर रहे थे? यदि क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही थी, तो उन्हें इसकी भनक क्यों नहीं लगी? उमा भारती ने कहा कि कई लोगों की जान गई है। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शराबबंदी प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अच्छा कदम बताया।

नागपंचमी पर हुई घटना का जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नागपंचमी के दौरान महाकाल मंदिर में हुई अफरा-तफरी को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इसे भविष्य के लिए बड़ी सीख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को समझना होगा कि हर दर्शन के लिए मंदिर पहुंचना जरूरी नहीं, कुछ देवी-देवताओं की पूजा घर पर भी की जा सकती है।

प्रशासन और पुलिस की सीमा होती है
उमा भारती ने कहा कि प्रशासन और पुलिस की भी एक सीमा होती है। उन्होंने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन में बेहतर अनुमान लगाने की नसीहत दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी।

बिना नाम लिए कवि को कहा- मूर्ख ज्ञानी
उन्होंने, जेन-जी के विरोध प्रदर्शन पर भी अपनी बात रखी। और कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, बावजूद इसके उन्होंने लोगों को माफ कर दिया। वहीं, बिना नाम लिए एक कवि की टिप्पणी पर उमा भारती ने नाराजगी जताई।

युवाओं को कॉकरोच कहना दुखद 
उन्होंने कहा कि युवाओं को कॉकरोच बताकर उन्हें आसानी से कुचलने जैसी बात कहना बेहद दुखद है। उमा भारती ने कहा कि वे ऐसे व्यक्ति का नाम लेना भी उचित नहीं समझतीं।

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