उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया हनुमान मंदिर: पुनर्निर्माण की तैयारी; जमीन पर प्रशासन से जवाब मांगा

उज्जैन। सिंहस्थ की तैयारियों के लिए सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण के चलते कंठाल चौराहे स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर का कुछ हिस्सा हटाया गया था।
अब स्थानीय समाजजनों ने पहल करते हुए उसी स्थान पर मंदिर के पुनर्निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द हनुमानजी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
बुधवार देर रात घटनास्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। लोगों ने वहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की और हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था जताई।
फिर से करेंगे स्थापना
हालांकि अभी प्रतिमा को मंदिर स्थल पर स्थापित नहीं किया गया है। फिलहाल प्रतिमा सामने मौजूद कपड़े की दुकान के समीप रखी गई है, जहां नियमित रूप से पूजा की जा रही है। मंदिर से जुड़े लोगों का दावा है कि जल्द ही प्रतिमा को उसी स्थान पर विधिवत विराजित किया जाएगा, जिसे वे मंदिर की शेष भूमि बता रहे हैं।
सालो पुराना है मंदिर
मंदिर से जुड़े व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील गुप्ता के अनुसार, यह मंदिर 150 से 200 वर्ष पुराना है। उनका दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान नगर निगम द्वारा तय सीमा से ज्यादा हिस्से को तोड़ा गया। उनका आरोप है कि पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं छोड़ी गई।
निगम अधिकारी ने बनाया दबाव
गुप्ता ने एक निगम अधिकारी और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर विवाद को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाली निर्माण के बाद बची जमीन पर ही स्थानीय लोग मंदिर बना रहे हैं और सरकारी भूमि पर कोई नया अतिक्रमण नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगो की मांग
मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी के मुताबिक, प्रशासन ने पहले इसी परिसर में हनुमान प्रतिमा स्थापित करने की बात कही थी, लेकिन बाद में प्रस्तावित तीन फीट जगह भी घटा दी गई। पुजारी अब उपलब्ध स्थान पर ही प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी में हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से जमीन और निर्माण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।