मायावती बोलीं- आकाश आनंद अभी मैच्योर नहीं: मीटिंग में नहीं बुलाया; पहली बार भाई ईशान की एंट्री

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, गुरुवार को लखनऊ में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी उन्हें नहीं बुलाया।
3 साल में यह तीसरा मौका है जब मायावती ने आकाश आनंद से जिम्मेदारी छीनी है। मायावती ने कहा- आकाश को अभी मैच्योर होने की जरूरत है। तब तक उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना ठीक नहीं होगा। क्योंकि चुनाव में कम समय है।
बैठक में देशभर से 350 पदाधिकारी पहुंचे। मायावती के पहुंचते ही सभी ने उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए। एक बसपा कार्यकर्ता ढपली लेकर पहुंचा। उसने ढपली बजाते हुए गाया- 2007 का इतिहास 2027 में दोहराना है।

जब तक नहीं बैठीं मायावती खड़े रहे ईशान
मायावती ने 2027 में यूपी, उत्तराखंड और पंजाब समेत 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन किया।मायावती की बैठक में पहली बार आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान पहुंचे। वह बसपा का पटका पहने थे। उनके साथ पिता आनंद कुमार भी थे। मायावती के बैठने तक ईशान भी खड़े रहे।
ईशान इससे पहले 2024 में मायावती के जन्मदिन के मौके पर अपने भाई आकाश के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए। तीन दिन पहले मायावती ने ईशान और युकेश को पार्टी में लॉन्च किया था।

आकाश आनंद को कब-कब मिली और छीनी जिम्मेदारी
- 10 दिसंबर 2023:
मायावती ने यूपी-उत्तराखंड के नेताओं की बैठक ली।
आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित किया।
उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई। - 7 मई 2024:
मायावती ने आकाश से सभी जिम्मेदारियां छीन लीं।
उत्तराधिकारी और नेशनल कोऑर्डिनेटर दोनों पदों से हटा दिया।
मायावती ने आकाश को अपरिपक्व बताया था। - 23 जून 2024:
47 दिन बाद मायावती ने अपना फैसला पलट दिया।
आकाश को दोबारा उत्तराधिकारी बनाया।
नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी। - 2 मार्च 2025:
मायावती ने एक बार फिर आकाश से सभी जिम्मेदारियां छीन लीं। - 3 मार्च 2025:
मायावती ने आकाश को पार्टी से भी बाहर कर दिया।
कहा- आकाश को पश्चाताप कर अपनी परिपक्वता दिखानी थी।
वह अपने ससुर के प्रभाव में स्वार्थी और अहंकारी हो गए। - 13 अप्रैल 2025:
मायावती ने आकाश को माफ कर दिया।
कहा- उन्हें दोबारा उत्तराधिकारी नहीं बनाया जाएगा। - 18 मई 2025:
मायावती ने आकाश को फिर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने इसे आकाश को दिया गया दूसरा मौका बताया। - 29 अगस्त 2025:
बसपा ने राष्ट्रीय संयोजक का नया पद बनाया।
आकाश आनंद को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। - 3 सितंबर 2026:
मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी उन्हें नहीं बुलाया गया।
काशीराम की राह पर चलकर बनाई सरकार
मायावती ने कहा- बसपा बाबा साहेब अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलती है। कांशीराम जी ने सरकारी नौकरी छोड़कर अपना पूरा जीवन बहुजन समाज के लिए संघर्ष में लगा दिया। उन्होंने मुझे भी देशभर में शोषित लोगों को जागरूक करने के लिए तैयार किया और अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया। मैंने उनके बताए रास्ते पर चलते हुए उनके मिशन को आगे बढ़ाया। यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।
5 राज्यों में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा
बैठक में मायावती ने पार्टी के निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करने की पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी। कहा- बसपा अब पूरे देश में सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। मायावती ने 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर यूपी में प्रदेश स्तर और दूसरे राज्यों में जोन स्तर पर कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए।

मोहन भागवत के कथनी और करनी में फर्क
मायावती ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी पलटवार किया। आरएसएस की कथनी और करनी में फर्क है। जातिवाद, असमानता, SC, ST और OBC के अधिकार और आरक्षण जैसे मुद्दों पर RSS की भूमिका को लेकर लोगों में भरोसे की कमी है।
उन्होंने कहा- महिलाओं, मुस्लिमों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी RSS पर सवाल उठते रहे हैं। RSS को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में पूरी आस्था रखते हुए उस पर ईमानदारी से अमल करना चाहिए।
दरअसल, भागवत ने न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में कहा था- अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा समान है।
कांग्रेस का दलित-अंबेडकर विरोधी इतिहास किसी से छिपा नहीं
मायावती ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। कहा- उसका दलित और अंबेडकर विरोधी इतिहास किसी से छिपा नहीं है। बसपा अब पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ेगी। दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहा है। ऐसे हालात में भारत की सुरक्षा नीति और रणनीति मजबूत होनी चाहिए।

जेन-जी, जेन-अल्फा की समस्या दूर करने की जरूरत
मायावती ने बढ़ती महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं से हो रही परेशानी पर भी चिंता जताई। कहा- जेन-जी और जेन-अल्फा की समस्याओं को भी गंभीरता से दूर करने की जरूरत है। केंद्र और राज्य सरकारों को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
30 से अधिक विधानसभा प्रभारी घोषित, 50 नाम शॉर्टलिस्ट
बसपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब तक 30 से अधिक विधानसभा सीटों पर प्रभारी घोषित कर चुकी है। जबकि, 50 से ज्यादा नाम शॉर्टलिस्ट किए जाने की बात सामने आई है। घोषित प्रभारियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और चुनावी गतिविधियां भी शुरू कर दी हैं।