कैबिनेट मंत्री नागरसिंह ने किया किसानों के साथ पैदल मार्च: जिले को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग; 3-4 दिन में पानी देने का वादा

आलीराजपुर। बारिश की कमी से खेतों में खड़ी फसलों पर संकट गहराता जा रहा है। सिंचाई के पानी की मांग को लेकर सोमवार को कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान किसानों के साथ पैदल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों के बीच जमीन पर बैठकर कलेक्टर नीतू माथुर के सामने उनकी समस्याएं रखीं।
किसानों ने बताया कि कम बारिश के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि जल्द सिंचाई का पानी नहीं मिला तो खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो सकती हैं। किसानों ने नर्मदा सिंचाई परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की।
मंत्री ने प्रमुख सचिव से की बात
किसानों की मांग पर मंत्री नागरसिंह चौहान ने संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से फोन पर चर्चा की और आलीराजपुर में जल संकट की स्थिति से अवगत कराया। मंत्री ने कहा कि वे खुद किसान हैं और किसानों की परेशानी को समझते हैं, इसलिए उनकी समस्या को शासन स्तर तक पहुंचाने के लिए उनके साथ कलेक्टर कार्यालय आए हैं।
कलेक्टर ने 3-4 दिन में पानी का भरोसा दिया
कलेक्टर नीतू माथुर ने किसानों को बताया कि शासन स्तर से सकारात्मक निर्देश मिले हैं और नर्मदा परियोजना से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने 3-4 दिनों में पानी छोड़े जाने का आश्वासन दिया।
सूखा प्रभावित जिला घोषित करने की मांग
किसानों ने कम बारिश को देखते हुए आलीराजपुर जिले को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग भी की। उनका कहना है कि फसलों को बचाने के साथ प्रभावित किसानों को शासन की ओर से राहत और जरूरी सहायता मिलना भी जरूरी है।
यह रहे मौजूद
इस दौरान भाजपा नेता भदू पचाया, मांगीलाल रावत, जयपाल खरत, आजमसिंह आवासीय, सुरेश सस्तिया, रिंकेश तंवर, हितेंद्र शर्मा, विकास माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।