झाबुआ में साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत: विद्यार्थी बनेंगे ‘अक्षरसाथी’; रैली और नुक्कड़ नाटक से करेंगे जागरूक

झाबुआ। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत की गई। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में जिलेभर में शिक्षा और साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
स्वयंसेवकों को ‘अक्षरसाथी’ के रूप में जोड़ेंगे
पखवाड़े के दौरान वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले के सभी असाक्षर लोगों का घर-घर जाकर चिन्हांकन किया जाएगा। इसके साथ ही उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया जाएगा और स्वयंसेवकों को ‘अक्षरसाथी’ के रूप में जोड़ने का काम भी किया जाएगा।
रैली और नुक्कड़ नाटक से जागरूकता
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए साक्षरता रैली, साइकिल रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन और चौपाल जैसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी इन गतिविधियों में शामिल किया गया है। साक्षरता कक्षाओं का नियमित संचालन, सामाजिक चेतना केंद्रों का निरीक्षण और विभिन्न विभागों के साथ बैठकें व कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
विद्यार्थी बनेंगे ‘अक्षरसाथी’
सत्र 2026-27 के प्रोजेक्ट वर्क में ‘उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ को शामिल किया गया है। कक्षा 9वीं-10वीं के सामाजिक विज्ञान और 11वीं-12वीं के राजनीतिक विज्ञान के विद्यार्थियों के साथ कॉलेज के छात्र-छात्राओं को ‘अक्षरसाथी’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। उनका पंजीयन एनआईएलपी एप पर कराया जा रहा है।
नवसाक्षरों को परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा
हर विकासखंड से 20-20 नवसाक्षरों को कक्षा 5वीं की परीक्षा में शामिल कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इनमें स्व-सहायता समूह की महिलाएं, मध्याह्न भोजन समूह की महिलाएं, आंगनवाड़ी सहायिकाएं और अन्य नवसाक्षर शामिल हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य असाक्षर लोगों को पढ़ने-लिखने के साथ बुनियादी गणित का व्यावहारिक ज्ञान देना है। साथ ही बैठकों और चौपालों के जरिए लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।