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झाबुआ में रक्षाबंधन पर ब्राह्मण समाज का धार्मिक आयोजन: विधि-विधान से हुआ श्रावणी उपाकर्म; गूंजे वैदिक मंत्र

झाबुआ। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्राह्मण समाज पेटलावद ने श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया। ब्राह्मण एवं वैदिक परंपरा के प्रमुख प्रतीक इस संस्कार को प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम पम्पावती नदी के तट पर स्थित श्री सरस्वती नंदन स्वामी भजनाश्रम में हुआ। इसमें ब्राह्मण समाज के कई गणमान्य जन शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञोपवीत संस्कार की विधियां संपन्न कराई गईं।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ संस्कार
कार्यक्रम में पंडित अरविंद भट्ट ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी विधिकर्म संपन्न करवाए। इस दौरान हेमेंद्र द्विवेदी, राजेंद्र शुक्ला, राजेश पालीवाल, रामकृष्ण शर्मा, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र द्विवेदी, नरेश नारायण शुक्ल, पंडित आशुतोष दवे, हेमांगराज भट्ट, प्रसून शुक्ल और देवेश भट्ट इंदौर सहित समाजजन मौजूद रहे। सभी ने विधि-विधान के साथ श्रावणी उपाकर्म में सहभागिता की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरे परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी।

आत्मशुद्धि और प्रायश्चित का पर्व
पंडित अरविंद भट्ट ने कहा कि श्रावणी उपाकर्म ब्राह्मणों का सबसे बड़ा त्योहार है। इस पवित्र कर्म से आत्मशुद्धि होती है। साथ ही वर्षभर जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए पूर्वजों और भगवान से क्षमा मांगकर प्रायश्चित किया जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति में श्रावणी उपाकर्म के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अनुष्ठान वैदिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।

संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहना जरूरी
सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष मनोज जानी ने कहा कि प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करने से मिलने वाली आत्मिक संतुष्टि और वैदिक ऊर्जा को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरे दौर में अपनी संस्कृति, संस्कारों और प्राचीन वेदों से जुड़े रहना बेहद जरूरी है।

यही हमारी पहचान और शक्ति का आधार हैं। मनोज जानी ने सभी स्वजातीय बंधुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं। साथ ही समाजहित और संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया।

एक-दूसरे को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के समापन पर समाजजनों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। वैदिक परंपरा के इस पावन आयोजन में सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।

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