बलराम कृषि महोत्सव में सीएम का संदेश: खेती के साथ पशुपालन-डेयरी अपनाएं किसान; बिजली-पानी की सुविधाएं बढ़ाईं

अशोकनगर। नवीन कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, डेयरी और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अशोकनगर के सरबती गेहूं और चंदेरी के उत्पादों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें खेती के साथ दूसरे कृषि आधारित व्यवसायों से जोड़ना जरूरी है। सरकार किसानों को गौपालन, कुक्कुट पालन, डेयरी और अन्य गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी का रकबा 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही दुग्ध उत्पादन में भी बड़ी वृद्धि की योजना है। पशुपालन के क्षेत्र में पशुओं की नस्ल सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है और उन्नत गोपालन व डेयरी से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली-पानी और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिली है, जिससे कृषि कार्य आसान हुए हैं।
उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के साथ 5, 7 और 10 हॉर्स पावर के पंप कनेक्शन पर सब्सिडी भी दी जा रही है। बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

मुंगावली विधायक से किया वर्चुअल संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव से वर्चुअली संवाद किया। विधायक ने बताया कि महोत्सव में जिले के हजारों किसानों ने हिस्सा लिया। उन्होंने जिले को चंदेरी और मल्हारगढ़ क्षेत्र के लिए मिली सौगातों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
प्रदर्शनी में योजनाओं की दी जानकारी
महोत्सव में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कृषि गतिविधियों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उन्नत किसानों के साथ परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान कलेक्टर साकेत मालवीय, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।