स्वास्थ्य मंत्री के जिले में 2 घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस: सांस की तकलीफ के बाद शिक्षक की मौत; परिजन बोले- समय पर नहीं मिली मदद

रीवा। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही से शिक्षक की मौत हो गई। ग्राम पंचायत बुड़बा में एक शिक्षक को सांस लेने में तकलीफ के बाद इसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद 108 एंबुलेंस करीब दो घंटे की देरी से पहुंची।
समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से शिक्षक की हालत बिगड़ती चली गई। मृतक शिक्षक की पहचान कमलेश कोल के रूप में हुई है। शासकीय प्राथमिक शाला गोदरी नंबर-2 में शिक्षक के पद पर पदस्थ था।
सांस लेने में हुई थी तकलीफ
कमलेश कोल को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने तत्काल 108 शासकीय एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस मौके पर पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए।
इस दौरान शिक्षक की हालत लगातार बिगड़ती रही। समय पर अस्पताल और आवश्यक उपचार नहीं मिलने के बाद उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती और शिक्षक को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण और एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

108 सेवा पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र की 108 एंबुलेंस सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्य पर सवाल खड़े हो रहे है। आखिर आपात स्थिति में एंबुलेंस को मौके तक पहुंचने में दो घंटे लग रहे है। कॉल लगाने के बाद समय पर कार्रवाई नहीं हुई।