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इंदौर में गड्ढा बंद करने पहुंची अवंतिका गैस टीम से विवाद: पार्षद बालमुकुंद बोले- आरोप झूठे; पाइपलाइन फूटने का है खतरा

इंदौर। सड़क के गड्ढाें को बंद करने पहुंची टीम के साथ मारपीट के आरोप लगे हैं। कंपनी की दावा है- पार्षद बालमुकुंद सोनी और उनके कुछ साथियों ने वाहन प्रभारी को जातिगत अपशब्द कहे। कर्मचारियों को धमकी दी गई कि दोबारा गाड़ी आई तो आग लगा देंगे। जबकि टीम सिर्फ जनसुरक्षा के लिए गड्ढा बंद करने पहुंची थी।

टीम का आरोप है कि आठ दिन से काम बंद था। कंपनी के पास नगर निगम की अनुमति थी। स्वतंत्रता दिवस के चलते क्षेत्र में अगले दिन लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना थी। नगर निगम को भी खुले गड्ढे को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसीलिए टीम को रात 11 बजे शीतल नगर भेजा गया था।

टीम जैसे ही यशिका मार्बल के पास खुले गड्ढे को बंद करने पहुंची तो ही पार्षद आ गए। उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारियों साथ विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद पार्षद ने मारपीट शुरू कर दी।

हालांकि घटना को लेकर पार्षद बालमुकुंद सोनी से बात की गई। मामले में सोनी ने मारपीट के आरोपों से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि 15 दिन पहले अवंतिका गैस कंपनी रेडिसन होटल के पास खुदाई कर रही थी। उस दौरान उन्होंने कंपनी के लोगों को बताया था कि वहां नर्मदा पाइपलाइन है।

खुदाई से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है। अगले दिन जब मौके पर पहुंचा तो खुदाई के कारण नर्मदा लाइन फूट चुकी थी। इससे क्षेत्र के 700 परिवारों को दो दिन पानी नहीं मिला। उनका दावा है कि दो दिन टैंकरों से पानी की व्यवस्था कराई गई थी।

पार्षद बोले- मैंने पुलिस को सूचना दी
पार्षद का कहना है कि जब कंपनी के कर्मचारी वहां काम करने की बात पर अड़े रहे तो उन्होंने अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से बात की। कार्यकर्ताओं ने सलाह दी कि कंपनी को काम नहीं करने दिया जाए, क्योंकि दोबारा पाइपलाइन टूटने पर क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो सकती है। पार्षद ने कहा कि उन्होंने या उनके साथियों ने किसी कर्मचारी के साथ मारपीट नहीं की।

दो गैस नेटवर्क को जोड़ने का काम था प्रस्तावित
कंपनी के मुताबिक क्षेत्र में गैस नेटवर्क से जुड़े दो हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम प्रस्तावित था। दोनों क्षेत्रों में गैस की मांग अधिक होने के कारण नेटवर्क को जोड़ने का उद्देश्य भविष्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध कराना था। इस काम के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी। हालांकि, करीब आठ दिन पहले काम रुकने के बाद टीम ने वहां कोई काम नहीं किया। 14 अगस्त की रात टीम केवल खुले गड्ढे को बंद करने के लिए पहुंची थी।

पहले भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त करने के आरोप
कुछ महीने पहले अवैध बोरिंग के कारण कंपनी की गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस मामले में कंपनी ने पार्षद बालमुकुंद सोनी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।अवंतिका गैस ने अपनी सफाई में कहा- टीम विवाद के लिए मौके पर नहीं गई थी। नगर निगम को मिली शिकायतों के कारण गई थी। क्योंकि सड़क पर खुला गड्ढा रहता है  और कोई दुर्घटना होती तो जिम्मेदारी कंपनी पर आती है।

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