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इंदौर में वंदे मातरम् पर विवाद: कांग्रेस कार्यालय में 55 सेकंड का गायन; भाजपा ने प्रोटोकॉल उल्लंघन बताया

इंदौर। 15 अगस्त के अवसर पर इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के सिर्फ 55 सेकंड के अंश गाय गए । वंदे मातरम् के गायन को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए जिला प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल का दिया हवाला
राकेश सिंह यादव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के गायन-वादन को लेकर प्रोटोकॉल जारी किया है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज फहराने जैसे अवसरों पर राष्ट्रीय गीत के आधिकारिक संस्करण और निर्धारित शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि आधिकारिक संस्करण की अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड है, जबकि इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय के कार्यक्रम के उपलब्ध वीडियो में वंदे मातरम् का गायन करीब 55 सेकंड में समाप्त हो गया।

55 सेकंड का अंश क्यों गाया गया?
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि यदि ध्वजारोहण कार्यक्रम में वंदे मातरम् प्रस्तुत किया जा रहा था, तो आधिकारिक संस्करण के स्थान पर केवल छोटा अंश क्यों गाया गया। उन्होंने आयोजकों से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि क्या उन्हें गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल की जानकारी थी।

BNS की धारा 223 के तहत जांच की मांग
राकेश सिंह यादव ने प्रशासन से कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग, कार्यक्रम से संबंधित अनुमति या सूचना और लागू सरकारी निर्देशों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में जानबूझकर प्रोटोकॉल की अवहेलना सामने आती है तो BNS की धारा 223 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की भूमिका की भी जांच की मांग की।

बोले- राष्ट्रगीत सम्मान का विषय, राजनीति का नहीं
राकेश सिंह यादव ने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इसके गायन में निर्धारित गरिमा और प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय में केवल 55 सेकंड का अंश गाकर औपचारिकता निभाई गई। साथ ही सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस वंदे मातरम् के प्रति विरोध का रवैया रखती है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

“कांग्रेस ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वह वंदे मातरम का लगातार अपमान करती है। 15 अगस्त को कांग्रेस कार्यालय के सामने झंडारोहण तो हुआ, लेकिन मात्र 55 सेकंड का वंदे मातरम गाया गया, जबकि गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार इसे 3 मिनट 15 सेकंड का पूर्ण रूप से गाया जाना चाहिए। कांग्रेसी जानबूझकर इसका अपमान कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर जिम्मेदार नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।” – राकेश यादव 

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