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धीरेन्द्र शास्त्री की मौलाना साजिद रशीदी को चेतावनी: कहा- तुम्हें इतना छीलेंगे कि कभी बयान नहीं दे पाओगे; ट्रक लूटने वाले कांवड़िए नहीं..कालनेमी

खजुराहो। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री ने मौलाना साजिद रशीदी को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- नककटे तुम्हें इतना छीला जाएगा कि कभी बयान नहीं दे पाओगे। बयान देने से पहले 100 बार सोचोगे।

धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा- मौलाना कांवड़ियों पर कमेंट कर रहा था। वो कह रहा था कि कावड़िए पत्थर मारते हैं। अरे ठठरी के बरे…नककटा..। मुसरचंदा….। कावड़िए तुमको आतंकवादी लगते हैं।

जब तुम्हारे ताजिया का जुलूस निकलता है तब तुम्हारे 50 लोग इककट्ठा होते हैं। वो पत्थर मारते हैं। साढ़े चार करोड़ कांवड़ियां पैदल चल रहे हैं। एक पत्थर नहीं मारते। नककटे तुमको ये आतंकवादी नजर आ रहे हैं।

इतने छीले जाओगे की कभी बयान नहीं दे पाओगे
अरे मुसरचंदा….। आजकल तुम कौन सा खाना कहा रहे हो जो ऐसे बयान दे रहे हो। तुम हमारे चंगुल में फंसना भी नहीं कभी। अरे…भीड़ में होंगे 2-4 लोग जिन्होंने गड़बड़ कर दी होगी। लेकिन वो कावड़िए नहीं हैं। जिन्होंने बस पर पत्थर फेंके। ट्रक को लूटा…। वो कांवड़िए नहीं…कालनेमी थे। अरे रिजवी साहब ध्यान रखना सब कावड़िए एक जैसे नहीं होते। सबको आतंकवादी न कहना वरना तुम इतने छीले जाओगे की कभी बयान नहीं दे पाओगे।

बोलते समय संयम जरूरी
शास्त्री ने कहा कि सभी कांवड़ियों को एक नजर से नहीं देखना चाहिए। कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरी कांवड़ यात्रा या श्रद्धालुओं को आतंकवादी कहना अनुचित है।उन्होंने मौलाना रिजवी को कहा भड़काऊ और विवादित बयान समाज में तनाव पैदा करते हैं। सार्वजनिक जीवन में बोलते समय संयम रखना जरूरी है।

गड़बड़ी करने वाले कांवड़िए नहीं
धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा- यात्रा के दौरान यदि कहीं पत्थरबाजी, लूटपाट या हिंसा जैसी घटनाएं हुई हैं तो उनमें शामिल लोगों को कांवड़ियों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग बसों पर पत्थर फेंकते हैं या ट्रकों को नुकसान पहुंचाते हैं, वे श्रद्धालु नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, तप और अनुशासन का प्रतीक है और अधिकांश श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा पूरी करते हैं।

रशीदी ने कांवड़ियों की तुलना ‘आतंकवादियों’ से की थी
दरअसल, 6 अगस्त को मौलाना साजिद रशीदी ने एक बयान में कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लोगों की तुलना ‘आतंकवादियों’ और ‘नशेड़ियों’ से की थी। उन्होंने दावा किया था कि सड़कों पर हुड़दंग, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला करने वाले लोग शिवभक्त नहीं, बल्कि दहशतगर्द हैं।

रशीदी के बयान के बाद हिंदू संगठनों और सनातन प्रेमियों में भारी आक्रोश फैल गया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाने में हिंदू संघर्ष समिति की शिकायत पर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

Swami Jitendranand Warns Maulana Sajid Rashidi Over Home War Statement

बयान को लेकर बढ़ा विवाद
मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया भी इसी विवाद की कड़ी में सामने आई है।

बयान को लेकर बढ़ सकती है सियासी बहस
धीरेन्द्र शास्त्री का यह बयान सामने आने के बाद कांवड़ यात्रा और धार्मिक टिप्पणियों को लेकर नई बहस छिड़ने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि मौलाना रिजवी की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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