रक्षाबंधन से पहले मिलावट पर शिकंजा : डेयरी कारखानों में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी; दुकानों में अचानक जांच अभियान चलाया

रीवा। रक्षाबंधन पर्व से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों और कारखानों में अचानक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान रोसर स्थित रम्पत डेयरी के कारखाने में टीम के पहुंचते ही संचालक रामपति यादव ने अधिकारियों को बाहर रोकने की कोशिश की। इसी बीच उन्होंने कारखाने के पीछे खेत में कटीली झाड़ियों के बीच संदिग्ध मावा छिपा दिया। टीम को गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो सदस्यों ने अंदर जाकर तलाशी ली। जांच में झाड़ियों में छिपाकर रखा गया मावा बरामद हुआ, जिसे प्रथम दृष्टया संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया गया। टीम ने कारखाने में तैयार हो रहे मावा और दही के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं।
शगुन डेयरी से पनीर और मावा के नमूने
कुठुलिया मोड़ स्थित शगुन डेयरी में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच की। यहां से पनीर और मावा के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान डेयरी उत्पादों की खपत बढ़ने के कारण विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बालकृष्ण डेयरी में मिला मावा का स्टॉक
नेहरू नगर स्थित बालकृष्ण डेयरी में जांच के दौरान मावा का स्टॉक मिला। संचालक सच्चिदानंद पांडे ने बताया कि यह मावा उनके कारखाने में तैयार नहीं हुआ है, बल्कि मानिकपुरा के व्यापारी मातादीन से खरीदकर रक्षाबंधन के लिए रखा गया है। टीम ने यहां से भी मावा के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश दुबे ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रोसर स्थित रम्पत डेयरी में जांच के दौरान संदिग्ध मावा मिला है, जिसे जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा मावा, दही और पनीर के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।